किसी कंपनी द्वारा एक प्रोडक्ट को मार्केट में लांच करने के पहले भी बहुत ही कड़ी मेहनत के दौर से गुजरना पड़ता है। इसके पीछे प्रोडक्ट मैनेजमेंट टीम और टीम हेड प्रोडक्ट मैनेजर का बहुत बड़ा रोल होता है। इन दिनों प्रोडक्ट मैनेजर की जॉब लोगों को काफ़ी आकर्षित कर रही है। अगर आप भी प्रोडक्ट मैनेजर के रूप मे अपना करियर बनाना चाहते है तो आज के इस ” कुछ सीखें ” लेख मे हम आपको विस्तार से बताएंगे कि किसी भी कंपनी मे प्रोडक्ट मैनेजर क्या होता है और प्रोडक्ट मैनेजर का काम क्या होता है?

 कौन होते हैं प्रोडक्ट मैनेजर?

     किसी भी कंपनी में,  कंपनी के प्रोडक्ट की ब्रांडिंग और प्रोडक्शन से लेकर संबंधित सभी कार्य को हैंडल करने वाले व्यक्ति प्रोडक्ट मैनेजर कहलाते हैं।

      कौन होते हैं प्रोडक्ट मैनेजर, तो यह  कहा जा सकता है कि एक प्रोडक्ट मैनेजर वो होते है, जो प्रोडक्ट की राइट टाइम पर, राइट वैल्यू के साथ मार्केट में लाने की सारी प्रक्रिया पूरा करते हैं और ज्यादा से ज्यादा कस्टमर को प्रोडक्ट की ओर आकर्षित करने संबंधित कार्य को हैंडल करते हैं।

 प्रोडक्ट मैनेजर कैसे बन सकते हैं?

अगर आप स्कूल टाइम से ही प्रोडक्ट मैनेजर बनने का सपना देख रहे हैं, लेकिन आपको पता नहीं है कि प्रोडक्ट मैनेजर कैसे बन सकते हैं तो यहां हम आपको प्रोडक्ट मैनेजर बनने के लिए विशेष योग्यता, डिग्री और कॉलेज के बारे में बता रहे हैं : – 

प्रोडक्ट मैनेजर बनने के लिए विशेष योग्यता :

  • आप 12वीं की पढ़ाई साइंस या कॉमर्स लेकर करें।
  • किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से सम्बंधित विषय में बैचलर डिग्री लेनी होंगी।
  • किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से सम्बंधित विषय में मास्टर डिग्री। ( अगर हो तो ये प्रोडक्ट मैनेजर बनने की संभावना को बढ़ा देता हैं )

कौन सी डिग्री से प्रोडक्ट मैनेजर की जॉब मिलेगी ?

 यहां जानते है प्रोडक्ट मैनेजमेंट की कोर्स/डिग्री के बारे में : 

  •  प्रोडक्ट मैनेजर सर्टिफिकेट कोर्स
  • बीई इन प्रोडक्शन इंजीनियरिंग
  • बीटेक इन  प्रोडक्शन इंजीनियरिंग
  • एमबीए इन प्रोडक्शन मैनेजमेंट
  •  डिप्लोमा इन प्रोडक्ट मैनेजमेंट
  •  एमबीए इन ब्रांड मैनेजमेंट
  • पीजी डिप्लोमा इन ब्रांड मैनेजमेंट
  • पीजी डिप्लोमा इन प्रोडक्ट मैनेजमेंट
  •  पीजी डिप्लोमा इन प्रोडक्ट एंड ऑपरेशन मैनेजमेंट
  • पीजी डिप्लोमा इन प्रोडक्ट एंड मैटेरियल मैनेजमेंट
  •  बीटेक इन प्रोडक्शन इन इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग 

 प्रोडक्ट मैनेजर का कोर्स कराने वाले कुछ विशेष भारतीय यूनिवर्सिटी –

  •  इंस्टीट्यूट आफ प्रोडक्ट लीडरशिप, बंगलौर
  •  इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर
  • आईआईटी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़
  •  इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड एडमिनिस्ट्रेशन, चेन्नई
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, दिल्ली
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, उड़ीसा
  • इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट ट्रेंनिंग, पुणे

        इसके अलावा भी भारत कई और इंस्टिट्यूट और कॉलेजेस है, जो प्रोडक्ट मैनेजमेंट का कोर्स करवाती है। बता दे कि कई फॉरेन इंस्टीट्यूट भी प्रोडक्ट मैनेजमेंट का स्पेशल कोर्स करवाती है। 

    प्रोडक्ट मैनेजमेंट कोर्स के लिए आप अपने पसंद के यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन आवेदन करके नियमानुसार प्रवेश पा सकते है। प्रोडक्ट मैनेजमेंट कोर्स में डिग्री प्राप्त करने के बाद प्रोडक्ट मैनेजर के जॉब के लिए किसी भी कंपनी में आवेदन कर सकते हैं और साक्षात्कार/ इंटरव्यू के बाद आप प्रोडक्ट मैनेजर बन सकते हैं। 

 एक प्रोडक्ट मैनेजर की रोल और रिस्पांसिबिलिटी क्या होती है?

     किसी भी कंपनी में प्रोडक्ट मैनेजर का रोल काफी अहम होता है, वे उत्कृष्ट मानसिकता वाले होते हैं।  अगर हम बात करें कि प्रोडक्ट मैनेजर का काम क्या होता है? तो कह सकते है कि किसी भी प्रोडक्ट को मार्केट में लाने के पहले और लाने के बाद तक की सारी जिम्मेदारी प्रोडक्ट मैनेजर का होता है।  एक प्रोडक्ट मैनेजर की वर्किंग क्या होती हैं, अगर  आप ये जानना चाहते है तो आइए उनकी प्रमुख जिम्मेदारी/रिस्पांबिलिटी पर नज़र डालते हैं :

  • प्रोडक्ट मैनेजर, एक पूरे प्रोडक्ट के लाइफसाइकिल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है, जिसमे प्रोडक्ट प्लानिंग से लेकर प्रोडक्ट एग्जीक्यूशन तक की जिम्मेदारी होती हैं।
  • प्रोडक्ट की शुरुआत, ग्राहक के सेटिस्फेक्शन और कंपनी के लाभ के लिए सभी विभागों के साथ मिलकर काम करना।
  • प्रोडक्ट मैनेजर, यह भी देखता है कि प्रोडक्ट, कंपनी के अंतर्गत नियमों और लक्ष्यों का समर्थन करता है।
  •  प्रोडक्ट के सभी जरूरी कंपोनेंट्स और मार्केट में उस प्रोडक्ट के संभावित प्रभाव से निरंतर खुद को परिचित रखना।
  • प्रोडक्शन रोलआउट  पर चर्चा करते समय अपने विवेक से काम लेते हुए कुछ बातों को कॉन्फिडेंशियल रखें।
  • मार्केट के कॉन्पिटिशन का आंकलन  करते हुए अपनी कंपनी के प्रोडक्ट में समय-समय पर सुधार करना और उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए नए-नए ऑफर लाना।
  • प्रोडक्ट की मार्केट में स्थिति से सम्बंधित रिपोर्ट पूरे डिपार्टमेंट से चर्चा करना।
  •  प्रोडक्ट को मार्केट में सेल करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मार्केटिंग डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क करना।
  • प्रोडक्ट लॉन्च करने के बाद उसके प्रचार के लिए संबंधित एडवर्टाइजमेंट विभाग से संपर्क करना।

तो प्रोडक्ट मैनेजर का काम क्या होता है?, ऊपर बताये गए प्रोडक्ट मैनेजर के रिस्पांबिलिटी से आप समझ ही गए होंगे।

प्रोडक्ट मैनेजर की स्कील्स क्या है?

      किसी व्यवसाय या कंपनी के प्रोडक्ट की सफलता और विफलता  का 50% परिणाम प्रोडक्ट मैनेजर पर डिपेंड करता है। प्रोडक्ट मैनेजर का काम क्या होता है?, जो प्रोडक्ट मैनेजर  के लिए कुछ विशेष कोर्स करने के बाद भी कुछ खास स्किल्स की जरूरत पड़ती है। अच्छी स्किल्स होने से प्रोडक्ट मैनेजर की करियर में लगातार ग्रोथ संभावना बनी रहती हैं। प्रोडक्ट मैनेजर की स्कील्स क्या है? जानते है :

1. इनोवेटिव सोच स्किल  :  किसी भी प्रोडक्ट को मार्केट में अच्छा से अच्छा प्रस्तुत करने के लिए काफी अच्छे क्रिएटिव और इनोवेटिव माइंड की आवश्यकता होती है। एक प्रोडक्ट मैनेजर को, प्रोडक्ट के ब्रांडिंग , मार्केटिंग, ट्रेंडिंग की अच्छी समझ होनी चाहिए।

2. हाई रिसर्च लेवल स्किल : कोई भी प्रोडक्ट को कंपनी द्वारा अस्तित्व में लाने से पहले, उस प्रोडक्ट के लिए हाई   लेवल पर रिसर्च करने की क्षमता होनी चाहिए।

3. अच्छी कम्युनिकेशन स्किल : प्रोडक्ट से जुड़े सभी संबंधित विभागों और मार्केटिंग डिस्ट्रीब्यूटर से बेहतर कम्युनिकेशन कर पाना, ताकि प्रोडक्ट को जल्द से जल्द पूरी गुणवत्ता के साथ मार्केट में लांच किया जा सके।

4. कंजूमर अट्रैक्शन स्किल : प्रोडक्ट मैनेजर  को अपने प्रोडक्ट से कस्टमर को जोड़ने का स्किल आना चाहिए।

5. मैथ्स ऑफ फाइनेंस स्ट्रांग स्किल – किसी प्रोडक्ट को मार्केट में लाने से पहले उसके बनाने का खर्च, मार्केटिंग का खर्च और प्रॉफिट से संबंधित जानकारी के लिए मैथ और फाइनेंसियल कैलकुलेशन आता हो।

6. लीडरशिप और टीमवर्क स्किल : एक प्रोडक्ट मैनेजर में प्रोडक्ट से जुड़े अपने अंतर्गत एम्पलाई के साथ एक टीमवर्क की तरह और जरूरत होने लीडरशिप की भूमिका में काम करने का स्किल हो।

एक कंपनी मे कितने प्रकार के प्रोडक्ट मैनेजर होते हैं?

     एक उद्यम में एक से अधिक प्रोडक्ट मैनेजर हो सकते हैं, जिनका काम अलग अलग होता है।  कुछ कॉमन प्रोडक्ट  मैनेजर के इस प्रकार है :

1. टेक  प्रोडक्ट मैनेजर – यह प्रोडक्ट मैनेजर,  टेक्निकल प्रोडक्ट पर काम करते है।  यह टेक्निकल प्रोडक्ट की आवश्यकताओं को डिफाइन कर उनके लाइफ़साइकिल से रिलेटेड सभी कार्य को ध्यान में रखकर कार्य करते हैं।

2. डिजाइनर प्रोडक्ट  मैनेजर – यह मैनेजर किसी भी प्रोडक्ट के डिजाइन और रणनीति पर काम करते हैं। इनका मुख्य काम प्रोडक्ट की गुणवत्ता में सुधार करते हुए उसके डिजाइन और कार्य क्षमता को बढ़ाना होता है।

3. बिजनेस प्रोडक्ट मैनेजर – बिजनेस मैनेजर किसी भी प्रोडक्ट के फ्यूचर को सोच कर काम करते हैं। इसके लिए वो प्रोडक्ट के अच्छे संचालन के साथ उसके मार्केटिंग और फाइनेंस पर ही फोकस करते हैं।

4. ग्रोथ प्रोडक्ट मैनेजर – इस मैनेजर का काम डिमांड और सप्लाई के बीच का होता है। उत्पाद को लेकर किसी भी समस्या के पहचान करने की जिम्मेदारी भी इसी प्रोडक्ट मैनेजर का होता है। 

प्रोडक्ट मैनेजर की पूरी जॉब डिस्क्रिप्शन :

    प्रोडक्ट मैनेजर के जॉब डिस्क्रिप्शन के अंतर्गत B2B  सिस्टम के तहत दो प्रमुख लक्ष्य है :

1. एक ऐसा प्रोडक्ट या सॉल्यूशन बनाएं, जो यूजर को हमेशा से उनके ऑर्गनाइजेशन से जोड़ कर रखें।

2. सुनिश्चित करें कि प्रोडक्ट या सॉल्यूशन, कंपनी के ब्रांड, स्ट्रेटेजीक और फाइनेंसियल टारगेट के अनुरूप डिलीवरी, मार्केटिंग और सेल किया जा सके।

कितना वेतन एक प्रोडक्ट मैनेजर को मिलता है?

      किसी भी कंपनी में एक प्रोडक्ट मैनेजर का पद एक जूनियर सीईओ के बराबर होता है। प्रोडक्ट मैनेजर की शुरुआती सैलरी मासिक ₹25 से 30,000 तक होती है, एक्सपीरियंस के आधार पर इंक्रीमेंट होने पर ही इनकी सैलरी मासिक ₹80 हजार से 1 लाख भी हो सकती है।  प्रोडक्ट मैनेजर डिप्लोमा कोर्स करने वाले भी असिस्टेंट प्रोडक्ट मैनेजर के तौर औसत वेतन ₹25 से 30000 तक प्रतिमाह कमा सकते हैं।

       वार्षिक वेतन की बात करें तो, प्रोडक्ट मैनेजर की वार्षिक वेतन ₹ 5 लाख से लेकर ₹35 लाख के बीच होती है। एक प्रोजेक्ट मैनेजर का अनुमानित रूप से औसत वार्षिक वेतन 17 लाख के आसपास होता हैं। 

 भविष्य में प्रोडक्ट मैनेजर के प्रमोशन की संभावना : 

        अगर प्रोडक्ट मैनेजर जॉब के स्कोप की बात करें, तो यह आपको ये बता दे कि लगभग हर प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में प्रोडक्ट मैनेजर की आवश्यकता होती है। फिर चाहे वो सॉफ्टवेयर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी हो या फिर फूड, इलेक्ट्रॉनिक, ऑटोमोबाइल्स, कॉस्मेटिक और फार्मास्यूटिकल कंपनी हो, सभी में प्रोडक्ट  मैनेजर की भूमिका अहम होती है।

      भविष्य में प्रोडक्ट मैनेजर पद की प्रमोशन की संभावना भी अच्छी है। अपने अच्छे कार्यशैली  और व्यवहार के आधार पर  प्रोडक्ट मैनेजर प्रमोशन के बाद सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर,  डायरेक्टर ऑफ प्रोडक्ट मैनेजर, चीफ प्रोडक्ट मैनेजर आदि पद को प्राप्त कर सकते है।

     तो दोस्तों, अगर आप भी प्रोडक्ट मैनेजर के जॉब में अपने करियर की तलाश कर रहे हैं, तब हमारा लेख आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। आज के इस “कुछ सीखे” लेख में हमने प्रोडक्ट मैनेजर का काम क्या होता है? इससे जुड़ी सारी जानकारी को विस्तार से बताया है। अगर इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी प्रोडक्ट मैनेजर से संबंधित कोई भी सवाल आपके मन में हैं, तो कमेंट बॉक्स में लिख डालिये, हम आपके सवाल का जवाब जरूर देंगे।

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