जब किसी व्यक्ति के मन के भावनाओं के बीच सही तालमेल नहीं बैठता है। तब दिमाग में कई नेगेटिव विचार आने लगते हैं, जिसके कारण वो लगातार तनाव में रहने लगता है और अनजाने में ही धीरे-धीरे डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारी के चपेट में आ जाता है। आज हम कुछ सीखें ब्लॉग में  डिप्रेशन क्या है, इसका इलाज कैसे करें? से लेकर डिप्रेशन से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी लेकर आए हैं। यदि आप भी ऐसी कुछ समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो हमारा ये लेख आपके लिए बहुत फायदेमंद है :

 1. डिप्रेशन क्या है, जाने हिंदी में ( Depression meaning in Hindi )

      एक ऐसी मानसिक अवस्था, जब पॉजिटिव थिंकिंग से ज्यादा नेगेटिव थिंकिंग हमारी सोच पर हावी होने लगती है, जिसके परिणाम हम अकेलापन, उदासी, चिड़चिड़ापन, गुस्सा जैसे चीज़ों से पूरी तरह घिर जाते हैं। तब हम अपना अच्छा, बुरा समझ नहीं पाते हैं और एक समय ऐसा आता है, जब हमारा मस्तिष्क अच्छे तरीके से काम करना बंद कर देता है। मानव मस्तिष्क के  इसी स्थिति को डिप्रेशन के नाम से जाना जाता है। डिप्रेशन को हिंदी में अवसाद कहा जाता है।

डिप्रेशन के कारण क्या है? ( What is the reason of depression )

     सामाजिक, मानसिक और शारीरिक रूप से जोड़ते हुए विशेषज्ञों द्वारा डिप्रेशन के कई कारण बताए गए हैं। कुछ मुख्य कारण निम्नानुसार है :

1. अनुवांशिक जिन्स : यदि डिप्रेशन की समस्या परिवार के किसी सदस्य को पूर्व में रही है, तो अनुवांशिक जिन्स के कारण डिप्रेशन की समस्या अगली पीढ़ी में भी देखी जा सकती है।

2. टीनएजर पड़ाव : अक्सर बच्चे जब किशोरावस्था की उम्र में आने लगते हैं, तो आसपास के माहौल को अपने अनुसार देखना चाहते हैं और जब स्थिति उनके अनुसार नहीं होता है, तो वह डिप्रेशन  स्वीकार होने लगते हैं।

3. हार्मोनल संतुलन नहीं : पीरियड, थायराइड, प्रेगनेंसी से जुड़ी समस्याओं से महिलाओं में कई हार्मोन चेंज होते हैं। कभी-कभी महिलाओं के शरीर में हार्मोन का संतुलन नहीं हो पाता है और वो डिप्रेशन के चपेट में आ जाती है। वहीं पुरुषों में सेक्स संबंधी हार्मोनल प्रॉब्लम के कारण डिप्रेशन की समस्या देखी गई है।

4. व्यक्तिगत प्रॉब्लम : शादी का टूटना, प्यार में धोखा, अपने काम का दबाव, मन हींन भावना का आना, पारिवारिक रिश्ते में दरार, नौकरी का छूटना आदि  व्यक्तिगत प्रॉब्लम से व्यक्ति तनाव में चला जाता है। जिसके कारण अवसाद उसके ऊपर हावी होने लगता है।

       डिप्रेशन  अनगिनत कारणों से हो सकता है, जरूरत है तो केवल इनके लक्षण को सही समय पर पहचान कर उसका इलाज करना।

डिप्रेशन के लक्षण क्या है? ( What is the symptoms of Depression)

    हमारे बीच रहने वाले कई लोग डिप्रेशन जैसी बीमारियों का सामना कर रहे होते हैं, लेकिन उन्हें डिप्रेशन के लक्षण समझ नहीं आते है। जिसके कारण डिप्रेशन के लक्षण झेलने के बाद भी इसका इलाज समय रहते नहीं करा पाते हैं। जो बाद में जाकर उनके लिए बहुत हानिकारक सिद्ध होता है। आइए जानते डिप्रेशन के लक्षण क्या होते हैं : –

 डिप्रेशन के सामान्य लक्षण : Common  symptoms of Depression )

1. सेल्फ कॉन्फिडेंस का कम होना और खुद को सबसे कम समझना।

2. शरीर में बिना किसी काम के भी थकावट और आलस का महसूस होना।

3. किसी भी बात पर हंसी नहीं आना,  हमेशा चुपचाप, उदास रहना।

4. किसी भी चीज को ना पाने सकने की बेचैनी होना।

5. छोटी-छोटी बातों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा करना और रोना।

6. किसी भी मुद्दे पर सोच के निर्णय लेने में कठिनाई होना।

7. सिर के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द का बना रहना।

8. दूसरों के साथ रहने पर भी अकेलापन महसूस करना।

9. हमेशा भीड़ में जाने से खुद को बचाते रहना।

10. कभी भूख नहीं लगता, तो कभी नींद नहीं आना जैसी समस्या बनी रहती है।

11. हर बातों में उसके नेगेटिव प्वाइंट को ज्यादा वैल्यू करना।

12. आत्महत्या जैसे अपराध बोध विचार का बार-बार मन में आना।

13. सेक्स से संबंधित समस्याएं होना।

14. बार-बार खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना।

15. शराब या नशीली दवाओं का अधिक सेवन करने

लगना।

      हालांकि उपरोक्तानुसार  डिप्रेशन के लक्षण महिलाओं और पुरुषों में समान होते हैं। इसके बाद भी  महिला और पुरुष में डिप्रेशन के कुछ अलग लक्षण देखे गए है, आइए जानते हैं विस्तार से :

महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण क्या है? (  What is the symptoms of depression in women )

   जब कोई महिला डिप्रेशन यानि अवसाद जैसे मानसिक बीमारी की शिकार होती है तो इसका असर उनके शरीर के साथ-साथ व्यवहारिक जिंदगी में पड़ने लगता है। आइए जानते हैं महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण :

1. पीरियड की समस्या : डिप्रेशन के कारण महिलाओं शरीर में कुछ होर्मोनल चेंजेस होते हैं। जिसके कारण  पीरियड समय पे नहीं आना, पीरियड का एक माह में दो बार आना या पीरियड के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग क़ी समस्या देखने को मिलता हैं।

2. डाइट पर ध्यान नहीं देना: डिप्रेशन के दौरान महिलाओं का इंटरेस्ट सब चीज से खत्म होने लगता है। जिसके कारण वो अपने रहन-सहन और खान-पान पर ध्यान नहीं दे पाती है और सही डाइट नहीं लेने से उनके शरीर को अन्य बीमारी का सामना करना पड़ता है।

3. सेक्स करने का इच्छा नहीं होना : डिप्रेशन के  समय महिलाएं कम काम करके भी थक जाती है और उन्हें  अनिद्रा जैसी समस्या भी होती है। इसके कारण उनका सेक्स लाइफ से इंटरेस्ट खत्म हो जाता है।

4. किसी नए व्यक्ति की तलाश : महिलाएं हमेशा से अपना एक हमदर्द चाहती है और जब उन्हें घर में समझने वाला व्यक्ति नहीं मिल पाता। तब वो डिप्रेशन की स्थिति में आकर नए व्यक्ति की तलाश करती है।

5. किसी के बारे में नहीं सोचना : महिलाएं जो हमेशा से सबकी केयर करती हैं। डिप्रेशन के दौरान उनकी छोटी-छोटी बातें भी उन्हें बेकार लगती है और वो बात बात पर चिड़चिड़ापन, गुस्सा जैसे व्यवहार अपनाने लगती है।

पुरुषो में डिप्रेशन के लक्षण क्या है? (  What is the symptoms of depression in men )

     देखा गया है कि पुरुष अपनी मानसिक परेशानी को ज्यादा शेयर नहीं करते हैं। बहुत ज्यादा मानसिक परेशानी के कारण वो कभी-कभी डिप्रेशन जैसी बीमारी के घेरे मे आते हैं। डिप्रेशन के कुछ ऐसे लक्षण होते हैं, जिन्हे पुरुष समझ नहीं पाते हैं, जानते है उन लक्षणों के बारे में :

1. जरूरत से ज्यादा काम करना या बिल्कुल काम नहीं करना : डिप्रेशन के दौरान पुरुषों के मूड में इंस्टेंट बदलाव देखा गया है। कभी-कभी वो हद से ज्यादा काम करने लगते हैं, उन्हें समय की परवाह नहीं होती और कभी कभी कोई भी काम करने के लिए उनका मन बिल्कुल नहीं करता है।

2. सीने में दर्द और पाचन जैसे समस्या : डिप्रेशन से पुरुषों के शरीर में भी काफी असर पड़ता है। उन्हें सीने में जलन या दर्द का होना महसूस होता है। साथ ही उनमे  पाचन जैसी समस्या भी देखने को मिलती है।

3. शराब का अत्यधिक सेवन: पुरुष अपनी समस्याओं को किसी से बोलना नहीं चाहते हैं। अपनी मानसिक प्रॉब्लम  से छुटकारा पाने के लिए वो अत्यधिक शराब का सेवन करने लगते हैं।

4. घर में हिंसा का माहौल बनाना : डिप्रेशन में पुरुषों को लगता है कि सब कुछ उनके अनुसार हो। माहौल मे सब कुछ सही होने के बाद भी, उन्हें कुछ सही नहीं लगता है और वो बेवजह घर में हिंसक माहौल बनाने की कोशिश करते हैं।

        डिप्रेशन के लक्षण इतने भयानक होते हैं, कि कभी-कभी व्यक्ति इसमें आत्महत्या या दूसरों को मारना जैसे खतरनाक अपराध कर बैठता है। डिप्रेशन से रिलेटेड एक तथ्य है  No evidence I depressed in sternum यानि स्टर्नम (Breastbone)  डिप्रेशन से प्रभावित हुआ इसका कोई सबूत नहीं, जबकि कभी कभी डिप्रेशन मे ऐसा भी होता है जो स्टर्नम (Breastbone) को असामान्य रूप से अंदर की ओर ढकेल देता है। अगर डिप्रेशन के सामान्य लक्षण आंशिक रूप से दिखाई दे, तो आप इसका घर पर इलाज कर सकते हैं,  लेकिन यदि डिप्रेशन का ये लक्षण नियमित रूप से देखने को मिल रहे हो, तो आपको मनोवैज्ञानिक चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

डिप्रेशन से बचाव का उपाय क्या है? ( Way of Keep away from dipression )

     अगर आपको लगता है कि आप डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं और आप इससे बाहर निकलना चाहते हैं। तो हम यहां आपको कुछ डिप्रेशन से बचाव के उपाय बता रहे हैं। जिसे अपनाकर आप अकेले ही इसका निवारण कर सकते हैं :

1. मेडिटेशन करें : मेडिटेशन एक ऐसी योग क्रिया है, जिससे आप अपने दिमाग के सभी नकारात्मक विचार को बाहर निकाल सकते हैं और आध्यात्म से जुड़कर खुद के प्रति अच्छा महसूस करने लगते हैं।

2. म्यूजिक थेरेपी से डिप्रेशन दूरी :  आप म्यूजिक थेरेपी को अपनाकर डिप्रेशन से आसानी से दूरी बना सकते हैं।  आप आध्यात्मिक या क्लासिक म्यूजिक सुने। ये म्यूजिक आपका मूड ठीक कर सकते हैं। कोशिश करें कि सैड सॉन्ग जैसे म्यूजिक से दूरी बनाये।

3. प्राकृतिक चीजों से प्यार करें : प्रकृति आपके दिमाग को शांत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चारों तरफ हरियाली और पेड़ पौधे हो तो काफी अच्छा महसूस होता है। ऐसे जगहों पर अपना कुछ समय बिताने की कोशिश करें। आप पेड़ पौधो से बातें भी कर सकते हैं।

4. अपनों से बात करने की कोशिश करें : डिप्रेशन से गुजर रहे लोग किसी से बात नहीं करना चाहते हैं। लेकिन अगर आप अपनी बात किसी के सामने रखते हैं, तो आपको इस बुरे समय से बाहर निकलने का अवसर मिल सकता है। इसलिए अपनों से बात करने की कोशिश करें, वो आपका दर्द जरूर समझेंगे।

5. एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें : जब हम वर्कआउट /एक्सरसाइज करते हैं तो मन और दिमाग दोनों स्थिर हो जाता है। इससे डिप्रेशन से बढ़ाने वाले नेगेटिव विचार में कमी आती है। साथ में शरीर को कई बीमारी से भी छुटकारा मिलता है।

6. डायरी लिखें : अगर आपको लगता है कि आपके पास कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है, जिससे आप अपने दिल की बात कह सके। तब आपको डायरी को अपना दोस्त बनाना चाहिए। अगर आप अपने दिल की बात डायरी में लिखते हैं, तो आप अपनी खामियों का आत्मनिरीक्षण कर उसे ठीक कर सकते हैं।

7. पूरी नींद ले : यदि 7 से 8 घंटे की नींद पूरी होती है, तो आपके अंदर नई पॉजिटिव एनर्जी आती है। रात में 8 घंटे की नींद पूरी करने से डिप्रेशन में दूरी बनाने में मदद मिलती है।

8. अतीत की बुरी बातों को छोड़ दें : जो वक्त बीत गया, आप उसे वापस नहीं ला सकते, इसलिए बुरे वक्त पर गिल्ट करना छोड़ दें। आप जब पुरानी बुरी बातों को  छोड़ना शुरू कर देंगे, आपको अंदर से अच्छा महसूस होने लगेगा।

डिप्रेशन में क्या खाना चाहिए? ( Diet in depression )

1.सेलेनियम से भरपूर चीजों का सेवन करें : सेलेनियम  चिंता यानि एंजायटी कम करने में बहुत मदद करता है। यह डिप्रेशन को भी कंट्रोल कर सकता है। अनाज,पनीर अंडा और सीफूड में सेलेनियम अच्छी मात्रा में होता है।

2. विटामिन डी की पूर्ति करें: विटामिन डी डिप्रेशन के लक्षणों पर अच्छा काम करता है। आप सूरज की रोशनी से सीधे तौर पर विटामिन डी को अपने शरीर में प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप किसी वजह से धूप नहीं ले पा रहे हैं, तो विटामिन डी को पूरा करने के लिए आप दूध, अंडे का पीला भाग, टमाटर, नींबू, मूली, पत्ता गोभी आदि का सेवन करें।

3. विटामिन बी वाले खाद्य पदार्थ भी लें : विटामिन बी में मौजूद फोलिक एसिड मूड डिसऑर्डर की समस्या को दूर करता है, जो डिप्रेशन से जुड़ा हुआ है। आप हरी पत्तेदार सब्जियां, कम मीठे फल, दाले, फलियां, डेयरी उत्पाद आदि को विटामिन बी के स्रोत के रूप में ले सकते हैं।

4. प्रोटीन वाले भोजन ले : प्रोटीन भी डिप्रेशन को दूर करने में महत्त्वपूर्ण निभाता है। यह दिमाग को स्थिर कर शरीर मे एनर्जी भरता है। प्रोटीन को लेने के लिए आप मछली, अंडा, दूध, दही, चना, फलियां, सोयाबीन आदि का सेवन कर सकते हैं।

5. ओमेगा 3 फैटी एसिड वाली चीजें खाएं : ओमेगा 3 फैटी एसिड मूड और दिमाग दोनों के फंक्शन को बेहतर बनाने में मदद करती है। अलसी का तेल, सोयाबीन का तेल, अखरोट ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा सोर्स है।

6. फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन करें : ज़ब आप तनावग्रस्त जीवन जी रहे हो, तो आपको फाइबर से भरपूर भोजन का सेवन करना चाहिए। ताकि शरीर में अच्छे कार्ब्स की मात्रा पूरी हो सके। इसके लिए आप साबुत अनाज से बनने वाले ब्रेड, ताजे फल और हरी सब्जियों को खा सकते हैं। 

डिप्रेशन से नुकसान क्या है? ( What is the side effect of depression )

      अत्यधिक तनाव अवसाद का कारण है, जिससे डिप्रेशन को झेलने वाले लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। डिप्रेशन के नुकसान जानते है :

1. याददाश्त  क्षमता प्रभावित होती है : डिप्रेशन में लोग बुरी चीजों को ज्यादा याद रखते हैं और अच्छी चीजों को  दिमाग मे जगह नहीं देते है। जिसके कारण लंबे समय तक दिमाग एक ही चीज को सोचते रहता है, इससे याददाश्त मे कमी होती है और व्यक्ति सदमा और पागलपन जैसी बीमारियों का शिकार होता है।

2. मस्तिष्क के साथ शरीर के अन्य अंग को प्रभावित करता है : कई शोधों में बताया गया है कि डिप्रेशन से ग्रसित लोग  हृदय रोग और कैंसर जैसे बड़ी बीमारियों के शिकार हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि डिप्रेशन मस्तिष्क के साथ शरीर के अन्य अंग को प्रभावित करता है। डिप्रेशन से असमय मृत्यु की संभावना भी देखी गई है।

3. आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाना :

     डिप्रेशन से व्यक्ति की सोचने समझने की शक्ति पूर्ण रूप से खत्म हो जाती है और उसके जीने की इच्छा भी मर जाती है। वो हमेशा खुद को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता हैं और कभी-कभी तो आत्महत्या जैसी स्थिति भी देखने को मिलती है।

डिप्रेशन का इलाज कैसे करें? ( How to do  treatment of depression)

     डिप्रेशन के लक्षण सभी लोगों में अलग-अलग होते हैं। डिप्रेशन से कोई सामान्य रूप से तो कोई गंभीर रूप से पीड़ित होता है। डिप्रेशन के असर कुछ हफ्तों से लेकर  कई महीनों तक हो सकते हैं। यदि आप सामान्य रूप से डिप्रेशन के शिकार हैं, तो ऊपर बताए गए उपायों को करके डिप्रेशन को दूर कर सकते हैं, लेकिन यदि आप गंभीर रूप से अवसाद से पीड़ित हैं, तो आपको समय रहते चिकित्सक से सलाह लेने की जरूरत है।

        आपके चिकित्सक  आपके रहन-सहन में बदलाव के साथ मनोचिकित्सा और दवाई के माध्यम से आपके डिप्रेशन  का इलाज करते हैं। इस दौरान डॉक्टर आपके डेली रूटीन को वॉच करते हैं और फिर आपके दिनचर्या  अनुसार आपको कुछ  टाइम देते हैं। अगर डॉक्टर को आपका डिप्रेशन साधारण अवस्था में लगा तो, वो कुछ एंटी डिप्रेशन की दवाई दे सकते है, लेकिन मध्यम और गंभीर डिप्रेशन की स्थिति में डॉक्टर आपको काउंसलिंग, टॉकिंग थेरेपी और एंटीडिप्रेसेंट्स टीम से मिलने की सलाह देते है।

          तो दोस्तों, आज के इस कुछ सीखें के लेख में हमने आपके साथ डिप्रेशन क्या है, इसका इलाज कैसे करें ? से संबंधित सारी जानकारी विस्तार से शेयर की है। यदि अभी भी आपके मन मे डिप्रेशन से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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