सोनी टीवी के चर्चित प्रोग्राम शार्क टैंक इंडिया रियलिटी शो में आपने देखा ही होगा कि आज के समय में किस प्रकार से बहुतयात मे लोग फैमिली बिज़नेस मे हाथ आजमा रहे हैं। एंटरप्रेन्योरशिप के इस दौर में बच्चे,  युवा, बुजुर्ग हो या फिर महिला हर कोई अपने क्रिएटिव आइडिया और अपने करीबियों के सहयोग से अपना बिजनेस बना रहे हैं।

       कई लोग अपने बिज़नेस की शुरुआत अपने परिवार के लोगों को साथ मे लेकर ही करते हैं और फैमिली बिजनेस के अंतर्गत अपना ब्रांड बनाते हैं।

       Family Business के शब्द का मतलब अक्सर लोग छोटे स्तर के व्यवसाय यानि दुकान व छोटे प्रतिष्ठान को समझ बैठते हैं या फिर परिवार के पूर्वजों द्वारा चलाए जाने वाले व्यवसाय को समझ लेते हैं। हालांकि पूर्वजों द्वारा चलाए जाने वाले व्यवसाय फैमिली बिजनेस का ही एक हिस्सा है, लेकिन क्या आप जानते हैं फैमिली बिजनेस के अंतर्गत कई बड़ी-बड़ी कंपनियां और ब्रांड भी शामिल है।

      आज के कुछ सीखें के इस लेख में हम फैमिली बिजनेस यानि पारिवारिक व्यवसाय क्या है, इसका अर्थ, परिभाषा, विशेषता,  उदाहरण, फायदे और नुकसान के सम्बन्ध में बात करने के साथ-साथ फैमिली बिजनेस जुड़ी कुछ बेसिक तथ्यों पर चर्चा करेंगे।

       यदि आप भी अपने फैमिली बिजनेस में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो,  ये लेख आपके लिए ही है। फैमिली बिज़नेस से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त करने के लिए लेख में हमारे साथ अंत तक बने रहिए।

 फैमिली बिजनेस क्या है? ( पारिवारिक व्यवसाय क्या है?) What is Family Business :

      फैमिली बिजनेस यानि पारिवारिक व्यवसाय वो होता है जिसमें एक बिज़नेस को चलाने के लिए एक ही परिवार के दो या दो से अधिक सदस्य मुख्य भूमिका में काम करते हैं। फैमिली बिज़नेस में बिज़नेस का अधिकांश शेयर होल्डर व स्वामित्व और कंट्रोल सब एक ही परिवार के लोगों का होता है।

        पारिवारिक व्यवसाय का चलन बहुत ही पुराने समय से चलते आ रहा है। फैमिली बिजनेस में पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाले व्यवसाय भी शामिल हैं। फैमिली बिज़नेस में परिवार के लोग आपसी सहयोग एक दूसरे के साथ मिलके काम करते है।

फैमिली बिज़नेस अर्थ और परिभाषा क्या है? (Meaning and Definition of Family Business )

       फैमिली बिजनेस का अर्थ एक व्यवसायिक संगठन के रूप में माना जा सकता है, जिसमें व्यवसाय का मालिक और प्रबंधन की जिम्मेदारी परिवार के सदस्य का हो। जिनके नेतृत्व और स्वामित्व के माध्यम से बिजनेस का निरंतर विकास हो सकता है।

        फैमिली बिजनेस की परिभाषा :

      फैमिली बिजनेस एक ऐसा परिवारिक व्यवसाय है, जिसमे एक ही परिवार के दो या दो से ज्यादा लोगों के पास स्वामित्व और शेयर होल्डर अधिकांश भाग  पास हो। इसमें परिवार के सदस्यों से रिश्ता खून का या विवाह का या फिर अडॉप्शन का, कोई भी हो सकता है। 

      इसमें परिवार के लोग बिज़नेस की सफलता को प्राथमिकता देकर काम करते हैं।

 फैमिली बिजनेस की विशेषता ( Characteristics of Family Business )

      एक अच्छी फैमिली बिजनेस कई पीढ़ियों तक  पारिवारिक उत्तराधिकार के रूप में अपने व्यवसाय को दीर्घायु बनाते है।

एक अच्छे पारिवारिक व्यवसाय की बात करें तो उनमें निम्नानुसार विशेषताएं देख सकते है :

1. परिवार के सदस्य दूसरे से अच्छे ढंग से बातचीत करने में सक्षम होते हैं। वे गलतियों को स्वीकार करके अच्छे दृष्टिकोण के साथ एक दूसरे के भावनाओ और विचारों को सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं।

2. परिवार के अन्य सदस्य भी बिज़नेस से जुड़े परिवार के सदस्यों प्रोत्साहित और समर्थन करते हैं, क्योंकि उनकी ताकत और कमजोरी से परिवारिक व्यवसाय प्रभावित होता है।

3. परिवार के भीतर संघर्ष को ख़त्मकर किसी निर्णय पर असहमति को भी सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है।

4. एकल परिवार का नेतृत्व होने कारण सभी कर्मचारी, विक्रेता, ग्राहकों के प्रति निर्णय लेने में देरी नहीं होती है।

5. बिजनेस मैनेजमेंट, ऑपरेशन जैसे जरूरी निर्णय परिवारिक व्यवसाय में सक्रिय निदेशक मंडल ( active board of directors )  के द्वारा आसानी से कर लिया जाता है।

6. परिवार को यह डिसाइड करने में आसानी होती है कि कौन सा क्राइटेरिया परिवार के लिए सही है और कौन सेक्रेटेरिया बिजनेस के लिए सही है।

7. बिजनेस में शामिल होने वाले परिवार के सदस्यों को गैर परिवार सदस्यों के समान पद और ओहदा उनके योग्यता के अनुसार दिया जाता है।

          फैमिली बिज़नेस अच्छा लाभदायक बिजनेस है, जो कई पीढ़ियों तक चलता है। अगर परिवार में व्यवसायिक संगठनों का प्रबंधन करते हुए पारिवारिक मुद्दों को और बिजनेस के मुद्दों को अलग किया जा सकता है, तो एक सफल फैमिली बिजनेस बनाया जा सकता है।

फैमिली बिज़नेस के उदाहरण ( Example of Family Business )

    भारत में फैमिली बिजनेस वाले कई टॉप कंपनी हैं, आइए कुछ नामी फैमिली बिजनेस वाली कंपनियों के बारे में जानते हैं :

   1.  रिलायंस इंडस्ट्रीज :

      रिलायंस ऑर्गनाइजेशन को स्व धीरूभाई अंबानी द्वारा बिजनेस के रूप में लाया गया था। धीरुभाई ने अपने बिज़नेस में पहले फैमिली मेंबर के रूप में छोटे भाई और भतीजे को शामिल किया। इसके बाद उनके बिज़नेस में उनके दो बेटे मुकेश और अनिल अम्बानी ने साथ दिया। धीरुभाई के मृत्यु के बाद दोनों भाई अलग हुए, मुकेश अंबानी ने रिलायंस ग्रुप में अंबानी की तीसरी पीढ़ी के रूप में ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को कारोबार का कुछ हिस्सा सौंपा है।

      2. विप्रो लिमिटेड :

          आईटी उद्योग का नामी ब्रांड विप्रो लिमिटेड को अजीम हाशिम प्रेमजी ने शुरू किया था। प्रेम जी के दो बेटे रिशद प्रेमजी और तारिक प्रेमजी है, दोनों बेटे वर्तमान में एक विप्रो लिमिटेड के बोर्ड ऑफ मेंबर्स के रूप में काम करते हैं।

     3. एचसीएल टेक्नोलॉजी :

         एचसीएल टेक्नोलॉजी की स्थापना शिव नादर ने की थी। वर्तमान में उनकी एकलौती संतान रोशनी नादर मल्होत्रा एचसीएल  टेक्नोलॉजी के चेयरपर्सन के रूप में कार्य कर रही है।

     4. टाटा ग्रुप :

         टाटा साम्राज्य की स्थापना जमशेदजी टाटा ने की थी। उनके बड़े बेटे दोराबजी टाटा के फैमिली बिज़नेस उत्तराधिकारी में जेआरडी टाटा और रतन टाटा शामिल थे। जिन्होंने टाटा ग्रुप को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

        आज के समय में देश विदेश में कई ऐसी बड़ी कंपनियां हैं, जो फैमिली बिजनेस से ही शीर्ष कंपनियों की सूची में शामिल हो चुके है।

 फैमिली बिजनेस के फायदे और नुकसान ( Advantage and Disadvantage of Family Business )

   अगर आप फैमिली बिजनेस शुरू करते हैं या इसमें शेयर होल्डर के रूप में काम करते है, तो परिवार के सदस्य रूप में आपको कई तरह के लाभ होने की संभावना होती है। वहीं दूसरी ओर पारिवारिक व्यवसाय में आने वाली कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ सकता है।

 फैमिली बिजनेस के फायदे ( Advantages of Family Business )

1. एक समान वैल्यू : कोई काम को कैसे किया जाना चाहिए। इस पर आप और आपके परिवार का समान विचार और निर्णय साझा करने की संभावना बढ़ जाती है। जो आपको कॉम्पीटिशन के साथ खड़े होने में मदद करता है।

2. स्ट्रांग कमिटमेंट : एक स्थायी फैमिली बिजनेस बनाने का मतलब है,आप इसे सफल बनाने के लिए एक्स्ट्रा टाइम और मेहनत देते हैं। आप अपने काम को अपने अनुरूप लचीला रख सकते है।

3. वफादारी: परिवार के सदस्य हमेशा से बुरे वक्त में एक साथ रहते हैं और फैमिली बिजनेस के दौरान भी वफादारी से साथ निभाएंगे। फैमिली बिजनेस के दौरान अगर कोई बुरा वक्त आता है, तो परिवार एक साथ होकर आसानी से उसका निपटान कर सकते हैं।

4. स्थिरता : फैमिली बिजनेस की स्थिरता भविष्य की पीढ़ियों के लिए काफी अच्छा है। इसलिए यह विकास और सफलता के लिए आवश्यक नए सोच को प्रोत्साहित करता है।

5. कम कॉस्ट : बिजनेस के लिए परिवार  के सदस्य फाइनेंसियल सैक्रिफाइस के लिए भी इच्छुक होते हैं। उदाहरण के लिए व्यवसाय शुरू करने के लिए अपने वर्तमान जॉब को छोड़ देना या पहले जॉब के तुलना में कम वेतन पर काम करना।

 फैमिली बिजनेस के नुकसान ( Disadvantage of Family Business )

1. कौशल या अनुभव की कमी : कुछ फैमिली बिजनेस में परिवार के सदस्यों को ऐसी  पद पर नियुक्त किया जाता है, जिनके लिए उनके पास कौशल या प्रशिक्षण नहीं होता है। ऐसा करना व्यवसाय की सफलता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है।

2. पारिवारिक झगड़े : बिजनेस में कभी भी किसी भी मुद्दे पर झगड़े हो सकते हैं, लेकिन यह विचार करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है कि पारिवारिक व्यवसाय  को पारिवारिक झगड़े से अलग रखा जाए। बुरी भावनाएं और गुस्सा आपके व्यवसाय के संचालन के साथ आपके  पारिवारिक संबंधों को भी खतरे में डाल सकता है।

3. पक्षपात निर्णय : अच्छे कर्मचारी और घर के सदस्य  के समान अनुभव होने के बाद भी कर्मचारी के विरुद्ध पक्षपात निर्णय लेते हुए घर के सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे पद के लिए चुना जाता है।

4. उत्तराधिकारी योजना : कई फैमिली बिजनेस में मालिकों को यह तय करना मुश्किल होता है कि यदि वह पद को छोड़ देते हैं, तो बिजनेस का अगला उत्तराधिकार कौन होगा। यह एक कठिन निर्णय हो सकता है।

 फैमिली बिजनेस से जुड़े कुछ जरूरी बातें :

1. फैमिली बिजनेस में परिवार सदस्य को शामिल करते हैं, तो उनको योग्यता के अनुरूप ही पद दिए जाये।

2. फैमिली बिजनेस की सफलता के लिए परिवार के सदस्यों को भी बाकी कर्मचारियों के समान एक पद के अनुरूप कार्य करना होगा।

3. परिवार के सदस्य  या रिश्तेदार जो भी फैमिली बिजनेस का हिस्सा हो। उन्हें योग्यता से अधिक का भुगतान या योग्यता से कम का भुगतान दोनों ही स्थितियां फैमिली बिजनेस के लिए विपरीत हो सकती है।

4. फैमिली बिजनेस में केवल परिवार के सदस्यों की भलाई और कल्याण के बारे में नहीं सोचना चाहिए। बिजनेस के अंतर्गत कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों को भी समान दृष्टि से देखना होगा।

5. पारिवारिक मुद्दे और व्यवसायिक लक्ष्यों को अलग अलग ही रखना चाहिए।

         दोस्तों, “कुछ सीखें”इस लेख में आज हमने फैमिली बिजनेस क्या है? और इससे जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी, को विस्तार से बताया है। उम्मीद है आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होगी। फैमिली बिजनेस से जुड़ी और कोई सवाल अगर आपके मन में हो , तो कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं। 


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कमोडिटी मनी क्या होता है? - कुछ सीखे · 07/07/2022 at 6:19 pm

[…] फैमिली बिजनेस क्या है ? […]

पोर्टेबल कंप्यूटर क्या होता है - कुछ सीखे · 09/07/2022 at 4:40 pm

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