आज कल जहा देखिये हर जगह लोग एक ही बात करते है की क्या है इंटरनेट इसका जवाब सीधा सा है दोस्तों ।  वो चीज़ जो हमे एक दूसरे से जोड़े वो भी बिना किसी तार के उसे ही हम इंटरनेट कहते है | जब जवाब इतना छोटा सा है दोस्तों तो फिर क्यू लोग हमेसा एक बात पूछते रहते है | इसका अर्थ ये है की जो भी जवाब वो पाते है उससे या तो वो संतुस्ट नहीं है | या उन्हें जो जवाब मिला है सायद वो जवाब पूरा नहीं है | तो दोस्तों आज हम बात करेंगे क्या है इंटरनेट ? कुछ सीखे  के माध्यम से हम आपको पूरा जवाब देने की कोसिस करेंगे जिससे सायद आपको सब जवाब मिल जाये और कही जाने की ज़रूरत ही न पड़े | इंटरनेट  को हिंदी  में  अंतर जाल कहते है |

इसे भी पढ़े :-नयी फिल्म कैसे डाउनलोड करें ?

किसी भी चीज़ को जानने से पहले हमे  उसको इतिहास के बारे में जानना चाहिये और साथ ही साथ क्यू  इसकी ज़रूरत पड़ी ? तो आइये शुरू करते है की कैसे इंटरनेट की शुरुआत हुयी | 

इंटरनेट का  इतिहास ? क्या है इंटरनेट ? 

क्या है इंटरनेट ? इस सवाल का जवाब पाने से पहले हम बात करते है की इंटरनेट की सुरुवात कहा से और क्यों  हुयी | बोले तो इंटरनेट की इतिहास जानने की कोसिस करेंगे जिससे हमे हमारे सवाल का आधा जवाब मिल जाये और बाकि आधे जवाब के  लिये हम आगे पढ़ेंगे | तो दोस्तों इंटरनेट की सुरुवात हुयी थी | साल 1960 में इस धरती पर पहली बार इंटरनेट शब्द की शुरुआत हुई थी | इंटरनेट को बनाने के लिए अमेरिका के अरपानेट ( एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क ) को जिम्मा दिया गया था |

जिसका खर्चा  अमेरिका के डिफेंस सिस्टम उठा रही थी | अरपानेट पैकेट सिस्टम का इस्तेमाल कर के बहुत सारे कंप्यूटर के एक साथ डाटा भेजने के लिए कर रही थी | साल 1969 अक्टूबर 29 को अरपानेट ने सबसे पहला मैसेज भेजा था | मैसेज में  लॉगिन (LOGIN) लिखा हुआ था | मैसेज चला तो  गया था पर पुरे के पुरे सिस्टम क्रैश कर दिया था और साथ ही साथ सिर्फ 2 ही अच्छर पहुंच पाए थे | उस वक़्त के कंप्यूटर एक छोटे से कमरे के बराबर थे | 

इंटरनेट के जनक |

क्या है इंटरनेट

इंटरनेट टेक्नोलॉजी दिन पर दिन बढ़ती रही और साल 1970 में साइंटिस्ट रोबर्ट कहन और विंटन सिर्फ ने मिल कर एक नयी टेक्नोलॉजी  बनई जिसका काम सिर्फ ये था की डाटा कैसे जायेगा एक जगह से दूसरे जगह पर | जिसे आज भी  हम इस्तेमाल करते है | जिसका नाम ट्रांसमिशन कण्ट्रोल प्रोटोकॉल (TCP)   है | साल 1983 1 जनवरी को अर्पानेट ने TCP\IP को अपनाया और तब जाकर आज का इंटरनेट बन पाया |  आज हम उसी इंटरनेट को इस्तेमाल करते है |  

टीम बर्नर ली ने  जब 1990 में WWW (वर्ल्ड वाइड वेब ) का आविष्कार किया. तब इंटरनेट और भी ज्यादा चलन में  आया | आज भी लोग इस बात  में उलझे रहते की WWW और इंटरनेट दोनों एक ही चीज़ है | वेब का मतलब होता है ऑनलाइन डाटा पाना या तो वेबसाइट के रूप में या तो हाइपरलिंक में | वेब ने ही इंटरनेट को बहुत जायदा मशहूर किया है | 

क्या है इंटरनेट

इंटरनेट के प्रकार |

किसी  भी एक इंसान के अधीन नहीं है इंटरनेट | कुछ लोग का मानना है की कोई एक कंपनी है जो सबको इंटरनेट देती है |जैसे लोग बोलते है जिओ का इंटरनेट, आइडिया का इंटरनेट , एयरटेल का इंटरनेट, बीएसएनएल का इंटरनेट और भी बहुत सारी  कंपनी है  | पर ये  कोई इंटरनेट देने वाली कंपनी नहीं है दोस्तों | इस तरह की कंपनी को हम ISP (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर ) कहते है | इनका काम होता है इंटरनेट की सर्विस से जोड़ना ना की इंटरनेट खुद से देना | इस बात को सुन कर आपके दिमाग में फिर से एक सवाल आया होगा की इंटरनेट कहा से आता है |

कहां से आता है इंटरनेट |  

दोस्तों इंटरनेट का मतलब होता है  बहुत सारा कंप्यूटर को एक साथ जोड़ कर काम करना और डाटा ( जानकारी ) का लेन देन हो सके | जब से दुनिया बानी है सरे लोग के पास कुछ ना कुछ जानकारी होती है और वो लोग एक दूसरे के साथ जानकारी बाँटना चाहते है | तो हुआ कुछ ऐसा दोस्तों की बहुत सरे कंप्यूटर पर कुछ न कुछ जानकारी थी और फिर सारे कंप्यूटर को एक साथ जोड़ दिया गया | और फिर लोग एक दूसरे को बिना मेहनत किये और बिना किसी परेशानी के सारी जानकारी की अदन प्रदान सुरु हो गया | इस धरती के निचे एक बहुत ही लम्बी तार बिछायी गयी है जो दुनिया के सारे कंप्यूटर को जोड़ कर रख दिया | जैसे जैसे टेक्नोलॉजी में सुधर आया वैसे वैसे नेट में भी सुधर आया | 

दोस्तों कुछ सीखे की टीम को ये लगता है की  क्या है  इंटरनेट  ? इस  सवाल  का जवाब आपको मिल चुका है इस ब्लॉग के माध्यम  से  |आज के लिए इतना ही अगली ब्लॉग में हम बात करेंगे की इंटरनेट कैसे काम करता है दोस्तों अगर आपको ये ब्लॉग अच्छा लगे तो कमेंट कर के ज़रूर बताइये | इस ब्लॉग को आप अपने दोस्तों के साथ भी शेयर भी कर सकते है |


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *