क्या आप अपनी खुशी ढुंढ रहे है ? क्या आप अपने आसपास के माहौल में खुद को अकेला महसूस कर रहे है ? आपकी खुशी किसमें है, ये आप पहचान नही पा रहे है? यदि मेरे इन सवालो का जवाब आपके हॉं में है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आये है. यहॉ हम आपको बतायेगें कि खुशी क्या होती है ? आप कैसे खुश रह सकते है  और खुश रहने के क्या फायदे है.

खुशी मन से महसूस होने वाली वो एहसास है, जो शरीर के अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा को जन्म देती है. जिससे आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और आप हर काम को नये जोश के साथ करते है.

      खुश रहना बहुत ज़रूरी है. ज़िन्दगी में ख़ुशी उतनी ही ज़रूरी हैं, जितना के साँस लेना और भोजन करना। इंसान  हर जगह अपनी खुशी ढूंढ़ता रहता हैं और इसकी तलाश में जिदंगीभर भटकता ही रहता हैं. वो खुशी को अलग-अलग तरीको से इसे पाने की कोशिश करता रहा है, जबकि महसूस करें , तो हर छोटी से छोटी चीज में खुशी उसके पास ही है.

जब आप तनाव को साथ लेकर चल सकते है, तो फिर खुशी को साथ लेकर क्यो नही चल सकते है . हॉ लेकिन जिस तरह एक म्यान में दो तलवार नही रह सकती , ठीक उसी तरह तनाव और खुशी दोनो एक साथ नही रह सकती है.

तनाव के साथ चलने पर आप बिगड़ते स्वास्थ्य के साथ कई बिमारी को लेकर चलेगें. जबकि खुशी साथ लेकर चलने पर आपको अच्छे तन मन के साथ अपने आसपास एक अच्छा माहौल भी मिलेगा.

खुश रहने के लिए ना कोई बड़े अवसर की जरुरत होती है और ना ही बहुत लोगो के साथ की जरुरत होती है. खुश रहने के तरीके और फायदे बहुत है, जिसके बारे में आगे हम बात करेंगे.

खुश रहने के तरीके

कैसे रहें खुश ? जानिये तरीके

* अकेलेपन में खुश रहना 

        अकेलापन वो चीज़ होती है , जहां इंसान अक्सर नकारात्मक सोच के साथ ज्यादा वक़्त बिताता  है. अकेलापन दो तरह का होता है , एक जब सबके साथ रहने पर भी आपका मन का वहां पर नहीं होता  है और दूसरा जब आप किसी साथ नहीं होते है. अधिकतर ऐसे परिस्थिति में इंसान के साथ तब आते है , जब वो किसी से गहरा प्यार करते है और किसी ग़लतफ़हमी से दोनों के बीच कई मतभेद जगह ले लेती है. तब आप अकेले हों जाते है. क्योकिं आपका कोई बहुत करीबी आपसे दूर हो जाता है. कहते है की दिल के टूटने पर आवाज़ नहीं आती, पर दर्द बहुत ज्यादा होता हैं. 

       इस मुश्किल समय और अकेलेपन से खुद को दूर करके फिर से खुशी के करीब जाने के लिये सबसे पहले आपको चाहिये, कि जो भी आपके साथ हुआ , उसे आप होनी समझकर दिल से स्वीकारें और खुद के साथ गलत करने वाले को माफ करें. याद रखिये, माफ करना एक दवा की तरह काम करता हैं, जब आप दिल से दूसरों को माफ करते हैं , तब आप अपने अंतर्मन में होने वाले दर्द और तकलीफ से भी खुद को आज़ाद कर देते हैं.

जैसे प्यार एक ऐसी दवा हैं , जो दोनों तरफ से घाव को भर देता है, उसी तरह माफी भी दूसरो से ज्यादा खुद को सुकून पहुंचाती है. जब तक आपके साथ गलत करने वाले को आप माफ नहीं करते , आप उसे अपने भीतर बसाये रखते हैं, जो दो धार वाले चाकू की तरह दोनों तरफ से आपके  मन को आहत करते रहता हैं. आप खुद को कोसना बंद कीजिये , कि आपने ये गलती की. गलती जो होनी थी , हो गई , उस गलती से सबक लीजिये और आगे बढ़िये. 

       खुद को इतना मज़बूत बनाईयें कि दोबारा किसी और का मोहरा ना बन सके, लेकिन इसका ये मतलब कभी भी नहीं हैं कि आप नकारात्मक हो जाएँ और खुद को एक सीमा में बांध लें. रिश्तो से भागना शुरू कर दें और कोई नए सम्बन्ध बनाये ही नहीं. नये लोगो से हमेशा जुड़ते रहे,लेकिन कोशिश यह जरुर करे कि उनसे भावानात्मक जुड़ाव सीमित ही रखें.

* रिश्तो का गणित समझिये  

       अगर कोई रिश्ते को लेकर आप उदास रहते है या आपके रिश्ते में  चल रहे मनमुटाव से आप खुश नही रह पा रहे है. तब यहॉ आपको इस बात का ध्यान रखना है कि हर रिश्ते में नोंक झोंक और मनमुटाव होते ही रहते है. इसे दिल में लेकर बार बार चिंता करने से कुछ नही होगा, सिवाय आपके सेहत पर बुरा असर पड़ने के. कहते है कि समय सबसे बड़ा मरहम है, यह रिश्ते में चोट को भी ठीक कर देता है.

आप भी यदि अपने रिश्ते के लिये कुछ नही कर पा रहे है , तो सब कुछ समय पर छोड़ दीजिये. फिर खुद को समझाईये कि रिश्तों को पूरी ईमानदारी से निभाने की शक्ति हर किसी में नहीं होती, सबकी परिस्थितियां अलग-अलग होती है. सबकी सोच अलग-अलग होती हैं और हर रिश्ते को लेकर सबका नजरिया भी अलग होता हैं. कभी कभी कुछ रिश्ते टूटने की लिया बनते हैं, उनकी उम्र भी उतनी ही होती हैं। आपको  खुद को यह समझाना होगा की ज़िन्दगी में छोटे रिश्तों की कोई हैसियत नहीं होती, ज़िन्दगी में सिर्फ बड़े रिश्ते ही मायने रखते हैं. कविता की चार लाइन से रिश्तो का गणित समझिये- 

रिश्तो का गणित सीधा सा होता हैं , ये दो  ज़िन्दगी के सिरों से बंधा होता हैं ,

 दोनो सिरा ख़ास होता हैं , गर एक टूट जाये तो दर्द का एहसास दोनों को होता हैं ,

गुजरे वक्त  खुशियों से, आसान सा लगता  हैं ,

पर गलती करने वाले को माफ कर देना , इतना मुश्किल भी नहीं होता हैं ,

बस इतना ही समझना हैं कि हर किसी में रिश्तो को निभाने का ,

इतना हुनर नहीं होता है और कुछ रिश्तो की उम्र ही बनी होती हैं

जो गलतफहमी से जन्मे झगड़े की बली चढ़ जाती हैं।  

* खुद के खुशनुमा जगह बनाये – 

          खुद के लिए एक ऐसी जगह बनाये, जहाँ आपको अच्छा लगता हो। आप कोई ऐसी जगह ढुढ़ सकते है , जो काफी रोमांचित करे. आप चाहे बच्चो के बीच भी अपने कुछ लम्हें बिता सकते है , बच्चों के अद्भुत सवाल आपको अंदर से खुश कर देगें. आप अपने कमरे में भी सुकून के कुछ वक्त गुजार सकते है. यदि आपके कमरे में ऐसी चीजें हैं , जो आपको आपके पिछले रिश्ते की याद दिलाती हैं , तो उन चीजो को कमरे से बाहर कर दे या जला दे , ऐसा करने से आपको गुजरे यादों से बाहर आने में समय नही लगेगा। आप अपनी पसंद के अनुसार जगह पर रोज का कुछ समय जरुर गुजारे , आपको नई खुशी महसूस होगी.

how to be happy,

*आपको अपना कमरा, अपना घर अपनी पसंद और ज़रूरत के हिसाब से सजाना होगा   . 

आप अपने कमरे में प्रकाश की अच्छी व्यस्था कीजिये. कोशिश कीजिये के सूरज की रौशनी ज़्यादा से ज़्यादा कमरे में आये. सूरज की रौशनी घर के वातावरण को खूबसूरत बनाने में मदद तो करता ही है, साथ ही एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी कमरे के अंदर होता है. जहॉ रहने से आपको भी उसका एहसास होगा.  जैसे फूल सूरज की रोशनी पाकर खिल जाते हैं, उसी तरह हम भी सूरज की रोशनी में बहुत खुश और खिला हुआ महसूस करते हैं.  साथ ही अपने कमरे को अपनी पसंद के अनुसार सजाये.

* मनपसंद संगीत सुने– 

         संगीत भी खुश रहने के लिये एक निराली औषधि का काम करता हैं. मनपसंद संगीत दवा की शक्ति की तरह काम करता हैं और खुशनुमा संगीत आपको हंसने और नाचने पर मजबूर कर सकता हैं.

दिल को तकलीफ देने वाले संगीत ना सुने. कोशिश करें कि सुबह भजन , दोपहर या शाम में मनपसंद या खुशनुमा संगीत सुने. ये आपके शरीर के साथ-साथ आपके मन को भी आनंदित कर देती है.

* अच्छी किताबें पढ़े

      अच्छी किताबें भी आपके जीवन में बदलाव ला सकती है. किताबें ऐसी चीज है, जो आपको जीने की नयी राह और अद्भुत शक्ति देती हैं. वो आपको पुरानी बातों को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती हैं. कुछ प्रेरणादायक किताबें जैसे शिव खेड़ा की आपकी जीत , अब्दुल कलाम की विंग ऑफ फायर आदि आपको अकेलेपन और अवसाद से बाहर निकालने में मदद कर सकती हैं. अगर आप समझ सकते हैं , तो श्रीमद भगवत गीता आपके जीवन दर्शन के लिये सबसे बड़ी ताकत बन सकती हैं. भागवत गीता की एक छोटी किताब आप अपने साथ हमेशा रखिये, कभी कोई दुविधा मे रहने पर उसका कोई भी पन्ने को खोलकर पढ़िये, विश्वास मानिये , आपको आपके समस्या का समाधान मिल जायेगा।

*अच्छा रहें और अच्छा खाये – 

        कहते है कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास  होता है इसलिये खुद को साफ स्वच्छ रखना और पसंदीदा भोजन भी आपको आपके  तकलीफ से बाहर लाने और खुश रहने में मदद कर सकता हैं. आज के दौर में खुश रहना मुश्किल जरुर है , पर नामुमकिन नहीं हैं. हमें दिल से यह स्वीकार करना होगा , की खुश रहना बहुत मुश्किल काम नहीं हैं. इन छोटे – छोटे कामो को करके देखिये, समझ आ जाएगा ख़ुशी तो आपके भीतर ही  हैं. मैं आपको ये छोटी सी बात इस दोहे के साथ समझाना चाहुंगी –

कस्तूरी कुण्डल बेस, मृग ढूंढे बन माहि 

ख़ुशी और शांति हमारे भीतर ही हैं, बस अपनी ख़ुशी को पहचानने की ज़रुरत हैं. और इसके लिये खुद को और दुसरो को माफ करना ज़रूरी हैं.

क्या है खुश रहने के फायदे , जानिये

1.खुश रहने से आपको मन की शांति मिलती है, मन शांत रहने से आपको कोई बिमारी नही होती है। आजकल अवसाद जैसी बिमारी का मुख्य जड़ मन से खुश नही रह पाना है.

2.खुश रहने से आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे हर काम में सफलता मिलती है.

3.खुश रहने से दिल की धड़कन सामान्य रहती है, जिससे व्यक्ति को कोई भी शारिरीक कष्ट लंबे समय तक नही होता है.

4.खुश रहने से आपके आसपास हमेशा एक अच्छा वातावरण बना रहता है.

5.खुश रहने से आपके रुठे हुये लोग , आपसे जुड़ने की कोशिश करेगें.

6.खुश रहने से आपका दिल(ह्दय) हमेशा मजबूत रहता है और आपको ह्दय से जुड़ी समस्या नही होती है.

7.खुश रहने से आपके जीवन में तनाव की जगह नही होगी और आप आनंदमय जीवन जी पायेगें.

8.खुश रहने से आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा का स्तर कम होता है.  इस लेख को पढ़ने के बाद आपने शायद ठान लिया होगा , कि उदासी और तनाव की दुनिया को छोड़कर अब खुशी के रास्ते चलना ही होगा.

जिंदगी के कई खुबसूरत लम्हें जो शायद आपने उदासी और तनाव की वजह से गवा दिये होगें. खुश रहकर अब उन लम्हों को महसूस करेगें.


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