हेलो दोस्तो आज का हमारा ब्लॉग कृत्रिम खाद और प्राकृतिक खाद में क्या अंतर है? इसके बारे  में हम बात करेंगे ,क्यों की हमारे देश में कृषि सिर्फ खेती करना ही नहीं बल्कि यह एक जीवन जीने की कला है, और इन्ही कृषि के वजह से आज हमें  कितनी सारे प्रकार के अनाज और सब्जियां मिलती है जिसका का हम सेवन करके अपनी भूख को मिटाते  है |   

कृत्रिम खाद और प्राकृतिक खाद में क्या अंतर है और उन्हें कहाँ -कहाँ प्रयोग कर सकते है | 

आज के समय में जितने कम्पनि खाद बनाते है वो सभी कृत्रिम खाद होते है , जिसका इस्तेमाल हम लोग खेतों या फिर सब्जियों में डालने के लिए करते है | जिससे सब्जी या फिर अनाज जल्दी तैयार हो जाते है पर इससे मनुष्य के सरीर पे नुक़सा भी होता है | यही प्राकृतिक खाद के इस्तेमाल अगर हम लोग करे तो यह हमारे लिए बहुत अच्छा होता है, क्यों की इसका इस्तेमाल खेतो में करने से कोई नुकसान नहीं होता है | प्राकृतिक खाद का उपयोग करने से खाने वाले अनाज या फिर सब्जियाँ स्वादित होती है,और इससे मिटटी का उर्वरा सकती बना तहता है |   

बिहार में खाद लाइसेंस के लिए अप्लाई करें  |

खाद -बीज लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करें | ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले आप कृषि के अधिकारी वेबसाइट DBT एग्रीकल्चर पर जाना पड़ेगा जहां “ऑनलाइन आवेदन करें “का ऑप्शन में बीज \उर्वरक अनुज्ञप्प्ति( राज्यअस्तर हेतु) आवेदन” पर क्लिक करे ,इसके बाद नया वेबसाइड https://dbtagriculture.bihar.gov.in/Licence/Default.aspx खुल जायगा | जो seed/feritilizer/Pesticide Licence अधिकारी वेबसाइड है | जिससे अप्लाई कर सकते है |  

किसान खाद के नाम से कौन सा उर्वरक जाना जाता है | 

जैविक खाद किसानों के लिए सही विकल्प माना जाता है ,क्यों की खेती कर रहे किसानों के लिए कम खर्च में इसके मदद से खाद बना सकते है |इसके इस्तेमाल से रासायनिक कीटनाशक और उर्वरक को देने की जरूरत नहीं है | इसमें सबसे खास बात है , की यह जड़ और तना से  सम्बंधित रोगो से बचता है इस लिए इसे किसान खाद के नाम जानते है |   

खाद कितने प्रकार के होते है | 

क्या आप को भी एक किसान है तो आप को पता होगा, की खाद कितने प्रकार के होते है यह बहुत जरूरी है | खाद की प्रकार चार होती है, जैसे में रासायनिक खाद ,कम्पोस्ट खाद ,हरी खाद और गोबर खाद होते है | 

पौधों के लिए सबसे अच्छा खाद कौन होगा | 

कितने लोग यह सोचते है की फूल के पौधों में या फिर अन्य पौधों में कौन सा खाद डालें | इसके लिए आपको कही जाने की जरूरत नहीं है, क्यों की गोबर खाद पौधों में डाल सकते है या फिर कम्पोस्ट खाद डाल सकते है , इससे आपके पौधे में वृद्धि भी होगा और आप के पौधे भी हरे भरे रहेंगे |     

खाद लाइसेंस के क्या प्रक्रिया है 

अगर आप जानना चाहते है की खाद लाइसेंस की क्या प्रक्रिया है, तो इसे पूरा पढ़े ,इसके लिए आपको सबसे पहले आवेदन को सीधे सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर ) से कर सकते है | विभाग के अधिकारिओ के अनुसार सीएससी पर हो रहा है तो जिला स्तर पर कृषि उपनिदेशक के कार्यालय से आवेदन करने की सुविधा दी गई है | आवेदन पर 24 दिन में विभाग के लिए लाइसेंस जारी कर देना अनिवार्य है | 

खाद लाइसेंस  कितना पढाई ज़रूरी है | 

हमारे भारत सरकार ने एक फैसला लिए है, जो लोग खाद लाइसेंस के लिए अप्लाई करना चाहते है | उनको हम बता दे की अब  साइंस से ग्रेजुएट होना अनिवार्य हो चुका है ,और केंद्र सरकार ने दुकानदारों को लाइसेंस के लिए कम से कम एक वर्ष का डिप्लोमा अनिवार्य कर दिया है।

क्या कृषि डिप्लोमा से खाद लाइसेंस बन सकता है |

हमारी भारत सरकार अब एक नया फैसला लिया है,जो लोग कम से कम एक साल का डिप्लोमा कोर्स का पढाई किया रहेगा है | वो लोग खाद लाइसेंस बनवा सकते है या फिर जो  खाद का दुकान खोलना चाहते है, उनको  एक साल का डिप्लोमा कोर्स करना होगा |  

हमें रासायनिक खाद से क्या लाभ है?

रासायनिक खाद के लाभ का बात करें, तो इसके इस्तेमाल से किट पतंगो मर जाते है | लेकिन साथ ही यह लाभ कम और हानि ज्यादा करता है ,क्यों की इसके इस्तेमाल से मिटटी के उर्वरा शक्ति को बढ़ने वाले केचुए को नुकसान पहुँचता है | जो की परिस्थिति को संतुलन बनाय रखने के लिए बहुत जरुरी है | 

खाद के दुकान से कितना तक कमाई होता है | 

खाद बीज के दुकान आप खोलते है, तो इसके लिए सबसे पहले दुकान किस जगह पर है और कैसी चल रही है |  यह दुकान पर निर्भर करता है, क्यों की अगर आप किसी ऐसी जगह पर दुकान खोले है जहां किसान आसानी से पहुंच जाए |  अगर आप किसी गांव में ,या फिर गांव के अगल बगल दुकान खोले है तो आप का दुकान अच्छा चलेगा | दुकान से कितना कमाई होगा यह दुकान पर निर्भर करता है |      

रासायनिक उर्वरक का नाम जाने | 

अगर आप भी रासायनिक उर्वरक के बारे नहीं जानते है | तो इसे पूरा पढ़े और जाने की रासायनिक उर्वरक क्या है ,और उनके नाम -यूरिया ,कैल्शियम  युमोनियम नाइट्रेट ,एमोनियम सल्फेट ,सिगिल सुपर फास्फेट ,म्यूरियेट ऑफ पोटास आदि रासायनिक उर्वरक के नाम से जाना जाता है |    

हेलो दोस्तों आप सभी को हमारा ब्लॉग ‘कृत्रिम खाद और प्राकृतिक खाद में क्या अंतर है’ कैसा लगा | उम्मीद करते है की आप सभी को हमारा ब्लॉग पसंद आया होगा,अगर आप को यह ब्लॉग अच्छा लगा तो आप इसे शेयर करें और नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताए की आप को हमारा ब्लॉग कैसा लगा | 

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